ब्रज में हो रहे आध्यात्मिक बदलाव
2 May 2026 (Today)
एक तो मुझे राधा जी की पूजा समझ में नहीं आती, ब्रज में होड लगी है, ना राधा जी कृष्ण जी की पत्नी थी, ना राधा जी ने ऐसा कोई काम किया, बस अलग माहौल बना रखा है।
प्राचीन महाभारत एवं विष्णु पुराण इन दोनों ग्रंथों में राधा जी जिक्र नहीं मिलता है। भागवत पुराण में रास लीला है, लेकिन कहीं भी राधा जी का नाम नहीं। युगों के बाद मध्यकाल में जब भक्ति आंदोलन फैला, तब बंगाली प्रेम कवि जयदेव द्वारा काव्य में गढ़ा। संप्रदायों की प्रतिस्पर्धा ने लोक काव्य का ऐसा उदय किया कि वर्तमान में मूल तत्व को ही किनारे कर दिया है।
हिन्दू धर्म के मुख्य देवी देवताओं का लोप कर दिया गया है।भगवान विष्णु पूरे उत्तर भारत मे गायब कर दिये गए। कहीं कोई पूजा ही नहीं होती उनकी जगह उनके नए अवतारों को लाया गया फिर अवतारों की जगह एक छद्म रूप जैसे राधा। दक्षिण भारत में इतना नहीं है। भक्ति का प्रतीक, लोक काव्य तक तो सही है।